आखिर क्यों होता जाता हैं हस्थमैथुन से लिंग पतला और छोटा, साथ ही जानिए इसके उपाय - DISADVANTAGES OF MASTURBATION AND TREATMENTS

बहुत अच्छा प्रश्न है। मैं जरूर इसका उत्तर पूरी जानकारी के साथ देने की कोशिश करूंगा। खासतौर पर सभी किशोरों से निवेदन है की वो इसे जरूर पढ़े। 

सबसे पहले बात करते है की कैसे हस्थमैथुन से लिंग में पतलापन और छोटापन आने लगता है। 

हस्थमैथुन ज्यादातर सभी करते है। और आजकल तो इसे 13 से 14 साल की उम्र में ही करना शुरू कर देते है। उस उम्र में सेक्स को लेकर इतनी उत्सुकता होती है सभी किशोरों में की वो गलत चीजे देख कर, सोचकर, एक दिन में कई- कई बार हस्थमैथुन करने लग जाते है। जो चीज 13 से 14 वर्ष की उम्र से शुरू होकर जब तक शादी नहीं हो जाती तब तक लगातार दिन में कई- कई बार करने से लिंग में पूरी तरह से जान खत्म हो जाती है। 


लिंग में कई तरह की कोशिकाएं होती है। जैसा की आप ऊपर चित्र में भी देख सकते हैं। लिंग पूरी तरह से कोशिकाओं पर ही टिका है। जिसमें रक्त प्रवाह होता रहता है। और जब जब उसमे उत्तेजना आती है तब-तब वो नसें अथवा कोशिकाएं फूलने लगती है। जो की हस्थमैथुन द्वारा सख्त हाथो से पकड़ा जाता है जिस से धीरे-धीरे नसें कमजोर होने लगती है। बार-बार वीर्य स्खलित करने से भी नसों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। 

जिस वजह से जिन नसों में शुरुआत में पूरी तरह से रक्त प्रवाह होता है, बाद में उनमे रक्त पूरी तरह से प्रवाह होना बन्द होना जाता है।

कई लोगो ने मुझसे संपर्क करके ये भी बताया की उनकी नसें ब्लॉक हो चुकी है, जिस वजह से उसमे गांठ पड़ गयी है। 

पतलापन दरअसल सिर्फ इस वजह से लगता है की जिसमे पहले पुरे फ्लो के साथ रक्त चलता था वो बून्द होने लग जाता है तो तनाव की स्थिति में भी लिंग पतला ही रहता है। उसमे भारीपन भी पूरी तरह से खत्म हो जाता है। 

हस्थमैथुन कर करके लिंग की नसों में जो तनाव होता है वो खत्म हो जाता है। जिस से धीरे धीरे करके नसों में रक्त प्रवाह होना बंद हो जाता है। जिस से उनके लिंग में तनाव आना बिल्कुल बन्द या कम हो जाता है। और वो पहले से कम मोटा और सिकुड़ा हुआ दिखाई देने लगता है। संभोग के वक़्त भी उसमे पूरी तरह से तनाव नहीं आ पाता। 



हस्थमैथुन की अधिकता लिंग में सेंसटिविटी बढ़ा देती हैं। जिस से की शीघ्रपतन की समस्या होने लगती हैं। सीधा सीधा हम ये कह सकते है की हस्थमैथुन की अधिकता ही ज्यादातर सेक्सुअल प्रॉब्लम्स की जड़ होती हैं। लिंग की नसों में ब्लड फ्लो या रक्तप्रवह होना बून्द हो जाता है। जिस से लिंग में टेढ़ापन या लिंग में तनाव आना बंद हो जाता है, नसों में ढीलापन आ जाता है, शरीर में एनर्जी कम कम होने लगती है, आप थका हुआ सा महसूस करने लगते हो, संभोग अच्छे से नहीं कर सकते, शीघ्रपतन की समस्या होने लगती है, संभोग से मन हटने लगता है।

लेकिन याद रहे की ये सब परेशानियाँ सिर्फ और सिर्फ हस्थमैथुन की अधिकता से होती है। अगर आप शरीर की जरूरत के मुताबिक हस्थमैथुन करंगे तो ऐसी समस्या कभी नहीं होंगी।

हस्थमैथुन की समस्या से अगर शीघ्रपतन की या फिर लिंग में ढीलापन की समस्या हो गयी है। तो इसे आप आयुर्वेदिक दवाओं से पूरी तरह से हमेशा के लिए ठीक कर सकते है। दवाई जो की पूरी तरह से आयुर्वेदिक औषधि से बनी हो। जिसमे कोई भी स्टेरॉयड जैसी चीजे न मिली हो। वो आयुर्वेदिक दवाये पूरी तरह से इस समस्या से स्थायी रूप से छुटकारा दिला सकती है।

उसकी कठोरता और चौड़ाई तथा उसकी नसों में रक्त प्रवाह बढ़ा कर उसमे पूरी तरह से तनाव ला सकते है। जिस से उसकी ढीलेपन की समस्या से पूरी तरह से निजात पाया जा सकता है।

लिंग में पूरी तरह से तनाव के लिए आयुर्वेदिक दवायें सबसे ज्यादा कारगर है। साथ ही शीघ्रपतन की समस्या के लिए भी आयुर्वेदिक दवा पूरी तरह से सार्थक है। आयुर्वेदिक दवा जो की शुद्ध औषधि से तैयार की गयी हो वो पूरी तरह से लिंग में ढीलेपन की समस्या निजात दिला देती है। 



आज मैं आपको जिस आयुर्वेदिक दवा के बारे में बताने जा रहा हूं उसके 100% परिणाम है। और वो भी बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के। इसका अगर आपने एक बार इस्तेमाल कर लिया तो आपको आगे कभी भी किसी भी तरह की कोई भी दवा दोबारा नहीं लेनी पड़ेगी। यह दवा आपको पूरी तरह से लिंग में स्थाई रूप से तनाव देगी जिसका ध्यान आप सही खानपान से रखेंगे तो कभी उसका तनाव और मोटापन कम नहीं होगा।

यह आयुर्वेदिक दवा ना सिर्फ लिंग के कड़कपन को बढ़ाती है बल्कि अन्य कई तरह की सेक्स समस्याओं जैसे की शीघ्रपतन (Premature Ejaculations) ,स्वपनदोष (Night Fall) और स्तंभन दोष (Erectile Dysfunctions) को पूरी तरह दूर कर देती है।

ये दवाई प्राकृतिक औषधियों द्वारा बनाई जाती है, जैसे कि सफ़ेद मूसली ,काली मूसली, स्काकुल मूसली सेमल मूसली ,रुमी मस्तगी, सालम पंजा, पीला शतावर काले कौंच की शुद्ध गिरी ,श्यामा तुलसी बीज, असगन्ध गूलर फल ,मकरध्वज रजत भस्म, मुक्ता भस्म, स्वर्ण भस्म, वज्र भस्म ,प्रवाल पिष्टी, चंद्रपुटी ,असली शुद्ध शिलाजीत ,असली केसर। इसी प्रकार की कई और शुद्ध औषधियों से ये दवाई तैयार की जाती हैं।

जो पूरी तरह से प्राकृतिक और शुद्ध होते है और सीधा समस्या वाले हिस्से को ही टारगेट करते है। यह दवाई आपके गुप्तांग में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती हैं जिससे लिंग के कड़कपन और मोटेपन में भी वृद्दि होती है और प्राकृतिक तरीके से लिंग में भारीपन होता है।

हर मर्द चाहता ही की उसका लिंग इतना इतना मोटा, सख्त हो जिससे वह अपने महिला साथी को पूरी तरह से संतुष्ट कर सके और अपने रिश्ते को खुशहाल बना सके। इसके चलते पुरुष कई तरह की दवाइयों का इस्तेमाल करता है लेकिन फिर भी उसे मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाता और वह परेशान हो जाता है। ये आयुर्वेदिक दवा से आप इस परेशानी को पूरी तरह से दूर कर सकते है।



आप शीघ्रपतन, स्तंभन दोष, स्वपन दोष और नपुंसकता की दवा हमसे मँगवा सकते हैं। 

दवाई हर व्यक्ति के लिए उसकी उम्र और समस्या के हिसाब से कम से कम 11-12 औषधियों से निर्मित की जाती हैं जो की पूरी तरह से शुद्ध होती हैं। 

किसी भी शहर, किसी भी गाँव मे ये दवा courier द्वारा भेजी जाती हैं। जो की पूरे भारत मे कहीं भी 3-4 दिनों मे कहीं भी मँगवा सकते हैं। 

अगर आपको दवा किसी दूसरे देश में मंगवानी हैं तो भी आप संपर्क कर सकते है। 

WE SHIP WORLDWIDE

दोस्तों मेरा ये जो ब्लॉग है इसका मकसद है सेक्स समस्याओं के बारे मे आपको सही जानकारी देना। अथवा अपनी शुद्ध जड़ी बूटियों से बनी दवा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना ताकि सभी अपने पार्टनर के साथ सेक्स को पूरी तरह से इन्जॉय कर सके।  

इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे, इसके साथ अगर आपके पास कोई प्रश्न हो तो आप कमेंट में पूछ सकते है  

आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो फेसबुक पेज को लाइक जरूर करे। इसी तरह के और आर्टिकल पढ़ने के लिए फॉलो करें (Follow) भी करे ।

अगर आप भी इन समस्या से परेशान है तो SHREE GANESH HERBAL PRODUCTS की आयुर्वेदिक औषधि से तैयार दवा ले सकते है।  जिसे बहुत से लोगो ने इस्तेमाल किया है और स्वस्थ हुए है और एक अच्छी सेक्स लाइफ को एन्जॉय कर रहे है। 

दवाई की और जानकारी के लिए आप उपचार (Treatments) के बटन को क्लिक कर सकते हैं । 

नीचे दिए गए व्हाट्सप्प लिंक पर क्लिक करके सीधा व्हाट्सप्प पर आर्डर करें अथवा अपनी समस्या बताये➤
link 👇

या फिर आप ईमेल भी कर सकते है 
EMAIL - shreeganesh08@yahoo.com
admin@shreeganeshherbal.com 

Post a Comment

0 Comments