यौन शक्ति बढ़ाने और शीघ्रपतन को ख़त्म करने का एकमात्र रामबाण उपाए आयुर्वेदिक औषधियों द्धारा - Increase Sexual Power And Eliminate Premature Ejaculation By Ayurvedic Herbal Medicines


सबसे पहले हम ये जानते है कि यौन शक्ति से क्या अभिप्राय है। यौन शक्ति में कम होने से शीघ्रपतन की समस्या होने लगती है तथा लिंग में ढीलापन आने लगता है।
अब ये जान लेते है कि शीघ्रपतन के लक्षण क्या है।  
शीघ्रपतन के लक्षण –
सम्भोग के वक्त समय से पहले या बहुत जल्दी वीर्य का जल्दी निकल जाना शीघ्रपतन है। जब शिश्न प्रवेश के साथ ही वीर्य निकल जाए या फिर स्त्री चरम पर न हो और व्यक्ति का स्खलन हो जाए तो यह शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) है।

शीघ्रपतन से होने वाली परेशानियां:
1. ऐसे में स्वयं से लाचार व असंतुष्टि होना
2. ग्लानि, हीन-भावना,
3. नकारात्मक सोच या
4. अपने-आपको कोसना, कमजोर समझना,
5. घर गृहस्थी टूट जाना

क्यों होता है ये शीघ्रपतन?
अधेड़ अवस्था में बढती आयु की वजह से जब शिश्न इन्द्रीयों की नसें कमजोर व ढीली हो जाने से शिश्न में ढ़ीलापन आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
लेकिन जवानी कि उम्र में भी ये परेशानी होना, जिसका सिर्फ एक मात्र कारण है हद से ज्यादा हस्थमैथुन करना। ज्यादा हस्थमैथुन करने से लिंग की नसें कमजोर हो जाती है। वीर्य पतला होने लगता है। जिस से शीघ्रपतन की समस्या होना शुरू हो जाती है। तथा लिंग में ढीलापन आने लगता है।
इस कारण शिथिलता आने से वीर्य को रोके रखने की शक्ति क्षीण हो जाती है। ऐसी खराब स्थिति को आयुर्वेद ग्रंथों में शीघ्रपतन (Premature ejaculation) कहा जाता है।
डर, भय, असुरक्षा, छुपकर सेक्स, शारीरिक व मानसिक परेशानी भी इस समस्या का एक बहुत बड़ी वजह हो सकता है। शीघ्रपतन एवं यौन अक्षमता के कुछ कारणों में तनाव, मनोवैज्ञानिक मुद्दों, हृदय रोग या अन्य चिकित्सीय स्थितियों, नशीली दवाओं के उपयोग, शराब का सेवन शामिल हो सकता है।

केवल पुुरुषों की समस्या है ये शीघ्रपतन:
इस योन रोग का संबंध महिला से नहीं होता। केवल आदमी से ही होता है और यह समस्या मात्र पुरुष को ही होती है।
शीघ्रपतन का कोई निश्चित मापदण्ड नहीं है। यह प्रत्येक व्यक्ति की मानसिक एवं शारीरिक स्थिति पर निर्भर होता है।

शीघ्रपतन का इलाज स्थाई रूप से 100 फीसदी सिर्फ आयुर्वेद चिकित्सा द्वारा ही मुमकिन है।
■ हमारी प्राकृतिक आयुर्वेदिक शक्तिवर्द्धक औषधियों से बनी हुई दवाई सभी मोसम में तथा किसी भी उम्र के शीघ्रपतन रोगी के लिए अनमोल तोहफा है। सफ़ेद मूसली ,काली मूसली, स्काकुल मूसली सेमल मूसली ,रुमी मस्तगी, सालम पंजा, पीला शतावर काले कौंच की शुद्ध गिरी ,श्यामा तुलसी बीज, असगन्ध गूलर फल ,मकरध्वज रजत भस्म, मुक्ता भस्म, स्वर्ण भस्म, वज्र भस्म ,प्रवाल पिष्टी, चंद्रपुटी, असली शुद्ध शिलाजीत, असली केसर इन सभी औषधि से बनी दवाई आप हम से ले सकते हैं।
इसी तरह की ओर भी बहुत सी औषधियां है जो कि कारगर है इन परेशानियों से पूरी तरह से छुटकारा दिलाने के लिए। ऐसी दवाइयों से भी सावधान रहे जो कि नकली औषोधीयो से बनाई जाती है, जो पूरी तरह से आयुर्वेदिक भी नहीं होती। उन्हे बस आयुर्वेदिक करके बेचा जरूर जाता है। और जो बहुत सस्ते दामो में बेची जाती है। वो सस्ती तो जरूर मिलती है लेकिन उतना ही उल्टा असर भी कर देती है।
■ आयुर्वेद की इस दवा को कम से कम तीन महीने तक लगातार सेवन करने से कमजोर नसों का ढ़ीलापन दिनोदिन दूर होने लगता है।
■ हर तरह की सेक्सुअल कमजोरी हमेशा हमेशा के लिए आपका पीछा छोड़ देती है।
■ सेक्स करने के आनंद को बढ़ाने में बहुत ज्यादा मददगार है।
■ यदि पूरी तरह से इस समस्या को जड़ से ठीक करता है, तो थोड़ा धैर्य के साथ नियम तथा नियमित रूप इन औषिधियों से बनी हुई दवा का उपयोग करें।
■ आंतरिक शक्ति व सेक्सुअल पॉवर बढ़ाने के लिये 3 महीने का पूरा कोर्स जरूर लेवें, क्योंकि यह बीमारी 10-5 दिन दवाई खाने से दूर नहीं होती। लेकिन इसका कुछ असर आपको एक महीने के अंदर ही दिखाई देने लग जाएगा।
■ असाध्य नपुंसकता, सेक्सुअल कमजोरी, नामर्दी, शीघ्रपतन तथा इंद्री की नसों के ढीलेपन को जड़ से नष्ट करने के लिए ये प्राकृतिक औषिधीयो से बनी हुई दवाइयां बहुत कारगर है।

दवाई की जानकारी के लिए  उपचार (TREATMENTS) के ऑप्शन में जाये। 
मेरा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो ज्यादा से ज्यादा शेयर और लिखे करें, किसी भी तरह की सेक्सुअल प्रॉब्लम के लिए मुझसे संपर्क कर सकते है। 
धन्यवाद् 

Post a Comment

0 Comments